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केंद्र सरकार ने पूंजीगत व्यय के लिए राज्यों को INR 15,000 करोड़ आवंटित किए

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Government-of-India-to-provide-Rs-15,000-crore-to-States-for-Capital-Expenditureवित्त मंत्रालय, भारत सरकार वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पूंजी परियोजनाओं पर खर्च करने के लिए ब्याज मुक्त 50-वर्षीय ऋण के रूप में राज्य सरकारों को INR 15,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्रदान करने के लिए तैयार है।

  • ऋण ‘स्कीम ऑफ़ फाइनेंसियल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल एक्सपेंडिचर’ के तहत राज्यों को प्रदान किया जाएगा।
  • इसका उद्देश्य राज्यों को बुनियादी ढांचे पर अधिक खर्च करना और स्टेट पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज (SPSE) के विनिवेश को प्रोत्साहित करना है।
  • इस योजना के लिए दिशानिर्देश व्यय विभाग, वित्त मत्रांलय द्वारा जारी किए गए थे।

योजना के घटक

2021-22 के पूंजी व्यय के लिए राज्यों को विशेष सहायता के लिए योजना के 3 भाग हैं।

भाग आवंटित राशि विवरण
भाग 1 उत्तर-पूर्व और पहाड़ी राज्यों के लिए INR 2,600 करोड़ i.असम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में प्रत्येक को INR 400 करोड़ मिलेंगे।

ii.अन्य राज्यों को INR 200 करोड़ प्रत्येक मिलेंगे।

भाग 2 भाग- I के तहत कवर नहीं किए गए राज्यों के लिए INR 7,400 करोड़ इन राज्यों को केंद्रीय कर के उनके हिस्से के अनुपात में राशि आवंटित की गई है।

(2021-22 के लिए 15 वें वित्त आयोग के पुरस्कार के अनुसार)

भाग 3
बुनियादी ढांचा आस्तियों के मुद्रीकरण / पुनर्चक्रण और SPSE के विनिवेश के लिए राज्य को INR 5000 करोड़।   
राज्यों को परिसंपत्ति मुद्रीकरण, लिस्टिंग और विनिवेश के माध्यम से उनके द्वारा वसूली गई राशि का 33% से 100% तक ब्याज मुक्त 50 वर्ष का ऋण मिलेगा।

प्रमुख बिंदु

i.इन निधियों को नई और चल रही पूंजी परियोजनाओं के लिए राज्यों को आवंटित किया गया है जो राज्य को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करेंगे।

ii.आवंटन में बुनियादी ढांचे की संपत्तियों के मुद्रीकरण / पुनर्चक्रण और SPSE के विनिवेश के लिए राज्यों को प्रोत्साहन भी शामिल है।

iii.राज्यों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ‘कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए राज्यों को विशेष सहायता’ योजना 2020 में शुरू की गई थी।

पूंजीगत व्यय

इसमें निर्माण के लिए धन, बुनियादी ढांचे जैसी पूंजीगत संपत्ति का अधिग्रहण, सड़कों का निर्माण, भवन, मशीनरी, रेलवे लाइन, हवाई अड्डे शामिल हैं।

  • यह गरीब और अकुशल के लिए रोजगार का सृजन करता है और अर्थव्यवस्था की भविष्य की उत्पादक क्षमता को बढ़ाता है।
  • केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज (CPSE) विनिवेश के माध्यम से INR 1.75 लाख करोड़ जुटाने का भी बजट रखा है।

हाल के संबंधित समाचार:

i.29 मार्च 2021 को, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (NaBFID) विधेयक, 2021 को स्वीकृति प्रदान की, इसका उद्देश्य भारत में बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण के लिए मुख्य डेवलपमेंट फाइनेंसियल इंस्टीटूशन(DFI) के रूप में नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट(NBFID) की स्थापना करना है।

वित्त मंत्रालय के बारे में:
केंद्रीय मंत्री – निर्मला सीतारमण (कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्यसभा MP)
राज्य मंत्री (MoS) – अनुराग सिंह ठाकुर (लोकसभा MP, निर्वाचन क्षेत्र – हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश)