विश्व शौचालय दिवस 2024 – 19 नवंबर

World Toilet Day - November 19 2024

World Toilet Day - November 19 2024

संयुक्त राष्ट्र (UN) का विश्व शौचालय दिवस (WTD) प्रतिवर्ष 19 नवंबर को दुनिया भर में अपर्याप्त स्वच्छता से उत्पन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण और गरिमा संबंधी चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए मनाया जाता है। यह दिन सभी के लिए सुरक्षित और संरक्षित शौचालय उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालता है।

  • यह दिन सतत विकास लक्ष्य (SDG) 6 : 2030 तक सभी के लिए पानी और स्वच्छता सुनिश्चित करने के हिस्से के रूप में सुरक्षित और सुलभ शौचालय सुविधाओं के महत्व पर जोर देने के लिए समर्पित है।

नोट: ‘2030 तक सभी के लिए सुरक्षित शौचालय’ सतत विकास लक्ष्य (SDG) 6 के लक्ष्यों में से एक है।

विषय:

i.WTD 2024 का विषय “टॉयलेट्स – ए प्लेस फॉर पीस” है।

  • 2024 का विषय इस बात पर जोर देता है कि संघर्ष, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं और प्रणालीगत उपेक्षा के कारण अरबों लोग स्वच्छता के लिए खतरों का सामना करते हैं।

ii.जल और स्वच्छता पर UN के समन्वय तंत्र UN-वाटर ने WTD की विषय की भी घोषणा की। WTD 2024 की विषय ‘सैनिटेशन फॉर पीस’ है।

iii.WTD 2024 के मुख्य संदेश हैं शौचालय शांति का स्थान हैं; शौचालय सुरक्षा का स्थान हैं और शौचालय प्रगति का स्थान हैं।

प्रतीक:

हमिंगबर्ड WTD का प्रतीक है। यह शौचालय को जोड़ता है जो कि हमिंगबर्ड की तरह छोटा लेकिन शक्तिशाली है।

पृष्ठभूमि:

i.2001 में, विश्व शौचालय संगठन (WTO), एक वैश्विक गैर-लाभकारी संगठन जो दुनिया भर में शौचालय और स्वच्छता की स्थिति में सुधार करने के लिए स्थापित किया गया था, ने 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस (WTD) के रूप में घोषित किया।

  • WTO की स्थापना सिंगापुर के एक परोपकारी व्यक्ति जैक सिम ने 19 नवंबर 2001 को की थी।

ii.24 जुलाई 2013 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने संकल्प (A/RES/67/291) को अपनाया और हर साल 19 नवंबर को “विश्व शौचालय दिवस” ​​के रूप में घोषित किया।

iii.पहला UN मान्यता प्राप्त WTD 19 नवंबर 2013 को मनाया गया।

ध्यान देने योग्य बिंदु:

i.विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि असुरक्षित पानी, स्वच्छता और सफाई 2023 में हर दिन 5 वर्ष से कम उम्र के लगभग 1,000 बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं और बेहतर स्वच्छता से सालाना 1.4 मिलियन लोगों की जान बच सकती है।

ii.लगभग 2.2 बिलियन लोगों के पास अभी भी सुरक्षित रूप से प्रबंधित पेयजल नहीं है, और 2 बिलियन लोगों के पास बुनियादी स्वच्छता सेवाएँ नहीं हैं, जिनमें 653 मिलियन ऐसे हैं जिनके पास कोई सुविधा नहीं है।

iii.वैश्विक स्तर पर, लगभग 3.5 बिलियन लोगों के पास अभी भी सुरक्षित रूप से प्रबंधित स्वच्छता तक पहुँच नहीं है। इसमें 419 मिलियन लोग शामिल हैं जो अभी भी खुले में शौच करते हैं।’

भारत में पालन:

i.भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UT) ने मौजूदा कमियों की पहचान करने और व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों (IHHL) के निर्माण में तेजी लाने के लिए जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण किए।

ii.यह दिन भारत की खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति को बनाए रखने की दिशा में प्रयासों को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण क्षण है।

iii.भारत सरकार (GoI) ने “हमारा शौचालय: हमारा सम्मान” अभियान भी शुरू किया, जो 19 नवंबर 2024 से 10 दिसंबर 2024 (मानवाधिकार दिवस) तक चलेगा।

iv.यह स्वच्छता को मानवाधिकारों और विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों के लिए सम्मान और गोपनीयता की सार्वभौमिक आवश्यकता से जोड़ता है।

स्वच्छ भारत मिशन (SBM) के बारे में

i.स्वच्छ भारत मिशन (SBM), स्वच्छ भारत अभियान या स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को खुले में शौच को खत्म करने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार करने और खुले में शौच मुक्त (ODF) गाँव बनाने के लिए शुरू किया गया एक देशव्यापी अभियान है।

ii.नोडल मंत्रालय: जल शक्ति मंत्रालय (जिसे पहले पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के रूप में जाना जाता था)।

iii.SBM-ग्रामीण (SBM-G) के तहत प्रगति में 11.73 करोड़ से अधिक घरेलू शौचालयों का निर्माण शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप 5.57 लाख से अधिक ODF प्लस गाँव हैं।